महाभारत

जब कर्ण ने मरते वक़्त भी अपनी दानवीरता का परिचय दिया

कर्ण की कहानी एक योद्धा की कहानी है जो सभी बाधाओं से लड़ रहा था। परन्तु नियति और कठिनाइयों ने उसको जीवन के हर चरण में उसे हराया। जिस तरह से उसने अपना जीवन निर्धारित किया था, वह बहुत पवित्र कर्ण के रूप में ज्यादा विडंबनापूर्ण और दुखद नहीं हो सकता था।

एक आदमी जिसने अपने जीवन को अपने चारों ओर के लोगों को दे दिया इतना ही नहीं परंतु जब अंत में जब वह मर रहा था तब भी कर्ण ने अपनी दानवीरता का परिचय दिया।

हालांकि कर्ण जब अपनी अंतिम सांस ले रहे थे उस वक़्त दो ब्राह्मणों ने सूर्योदय के आसपास उनके पास आए और उन्हें दान के लिए कहा।

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उस वक़्त कर्ण ने असहाय महसूस किया क्योंकि उसके पास कुछ भी नहीं बचा था और वह अपनी मौत के नजदीक था। तब कर्ण ने अपने दो दांतों को तोड़ दिया जिसमें कुछ सोना था और ब्राह्मणों को दिया था।

ऐसे वीर और दानवीर कर्ण के लिए अपना कमेंट जरूर दे।

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