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नरेंद्र मोदी का सीप्लेन बना चर्चा का मुद्दा

गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिवर शो के जरिए लोगों को लुभाने की कोशिश की। साबरमती में सीप्लेन उतरा। नरेंद्र मोदी उसमें उड़े और धरोई डैम पर उतरे। सीप्लेन देखने के लिए भीड़ उमड़ी। दिलचस्प यह है कि सीप्लेन अमरीकी कंपनी का है और पाकिस्तान होता हुआ गुजरात पहुंचा था।

तीन दिसंबर को कराची से इस सीप्लेन ने उड़ाऩ भरी और मुंबई पहुंचा और फिर मुंबई से अहमदाबाद। गुजरात के चुनाव में प्रधामंत्री नरेंद्र दी ने दरअसल सीप्लेन को उतार कर चुनाव को अपने पक्ष में करने के लिए अंतिम पांसा फेंका था। देश में किसी भी चुनाव में सीप्लेन का इस्तेमाल प्रचार के लिए पहली बार किया गया। इसे राजनीतिक बाजिगरी का नाम भी दिया जा रहा है।

नरेंद्र मोदी का सीप्लेन

नरेंद्र मोदी साबरमती रिवरफ्रंट से अंबाजी मंदिर गए। भाजपा ने फौरन इस पर प्रतिक्रिया दी। देश में सीप्लेन के यह पहली उड़ान है। लेकिन भाजपा पता लगाना भूल गई कि सीप्लेन सेवा तो 2010 में ही भारत में शुरू की गई थी।

अपने ट्वीट में उन्होंने कहा था कि वायु, सड़क व रेल मार्ग के साथ ही हमारी सरकार जल मार्ग का भी लाभ उठाने का प्रयास कर रही है। यह सब 125 करोड़ भारतीयों के लिए है। मोदी के सीप्लेन को लेकर सियासी दलों ने भी चुटकी ली। सोशल मीडिया पर तो इसे लेकर बहुत कुछ लिखा-कहा जा रहा है। राहुल गांधी ने इसे एक अच्छा ‘ईवेंट’ बताया।

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने सवाल उछाला। हार्दिक ने ट्वीट कर कहा, दूसरे देशों में सीप्लेन पहले से ही है। हमारे गुजरात में आया मैं खुश हूं। लेकिन चुनाव से दो दिन पहले आया, यह और अच्छा है। किसान कीटनाशक दवाई भी सीप्लेन से छिड़क सकें, कुछ ऐसा करें। ऐसा कब होगा। हार्दिक ने दूसरे ट्वीट में और भी तीखा हमला किया। हार्दिक ने कहा विकास तो लंका में भी हुआ था। पूरी लंका सोने की थी, लेकिन अहंकार और घमंड की वजह से लंका जल गई थी।

नरेंद्र मोदी का सीप्लेन

भाजपा दरअसल इसे विकास से जोड़ कर दिखा रही है तो विपक्ष इसे हवाई ‘जुमलेबाजी’ बता कर मोदी पर हमलावर है। गुजरात के आसमान पर भले सीप्लेन पहली बार दिखाई दिया हो। भारत में अंडमान-निकोबार में छह-सात साल पहले से ही सीप्लेन का इस्तेमाल पर्यटकों की सुविधा के लिए किया जा रहा है। इसलिए भारत के लिए यह कोई नई चीज नहीं है। नरेंद्र मोदी ने सीप्लेन गुजरात में उतार कर विकास के नए मॉडल को सामने रखने की कोशिश की। उनकी यह हवाई कलाकारी पार्टी को कितना फायदा पहुंचाएगी यह तो नतीजे ही बताएंगे लेकिन सीप्लेन के पाकिस्तान वाया अमरीका कनेक्शन को लेकर सोशल मीडिया में खूब चर्चे हो रहे हैं।

राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भी मोदी के सीप्लेन प्रचार को हवाई करा दिया। लेकिन इन सबके बीच वे सारे सवाल पीछे छूट गए जिन सवालों को लेकर भाजपा चुनाव में उतरना चाहा था। विकास से लेकर युवाओं व किसानों के मुद्दे पीछे छूट गए और दूसरे मुद्दों और भावनात्मक रिश्तों को भाजपा ने भंजाने की खूब कोशिश की।

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