कहानियां

कुछ ऐसे शुरू हुई थी सिंदबाद की सुमद्री यात्रा

बहुत साल पहले बगदाद में एक मशहूर मर्चेंट रहता था। जिसका एक बेटा सिंदबाद जो कि गावं में बहुत फेमस था। एक दिन अमीर मर्चेंट की मृत्यु हो गई और सिंदबाद अकेला रह गया। लोगों ने उससे कहा कि वह भी व्यापार करना शुरू कर दे। इस पर सिंदबाद ने कहा कि वह व्यापार नहीं करेगा क्योंकि उसके पास पिता की कमाई हुई अपार धन दौलत है। इसके बाद सिंदबाद ने ऐशो-आराम की जिंदगी जीना और पैसे उड़ाना शुरू किया। एक दिन ऐसा आया कि सिंदबाद का सारा पैसा खत्म हुआ।

इसके बाद सिंदबाद ने व्यापार करने की सोची और उसने समुद्री व्यापार शुरू किया। सिंदबाद व्यापार करने ईरानी गल्फ में मर्चेंट के साथ पैसे कमाने गया।

सिंदबाद एक देश से दूसरे देश जाकर व्यापार करने लगा और पलक झपकते ही मशहूर मर्चेंट बन गया।

सिंदबाद की सुमद्री यात्रा

एक बार वह अपने साथियों के साथ पर्शियन गल्फ जा रहा था उसने रास्ते में एक खूबसूरत आयलैंड देखा। उससे देखकर सिंदबाद ने कहा- क्यों न हम इस आयलैंड पर उतकर देखें। सभी साथी आयलैंड पर उतर गए। आयलैंड पर खाना बनाने के लिए उन्होंने आग जलाई, इतने में आयलैंड हिलने लगा, सब मुसीबत में फंस गए। सब समझ गए कि वह कोई आयलैंड नहीं बल्कि एक बड़े मॉन्सटर की पीठ थी। जल्द जल्दी में लोग जहाज पर चढ़ गए लेकिन सिंदबाद पानी में रह गया और जहाज चला गया। सिंदबाद समुंदर में डूबने लगा।

सिंदबाद को एक लकड़ी का टुकड़ा मिला और उसके सहारे वह रात भर तैरता रहा और सुबह एक किनारे पर पहुंच गया। सिंदबाद थका और भूखा था। उसने जंगल में झरने का पानी पिया और आराम किया। कुछ दूरी पर उसे एक व्यक्ति दिखाई दिया जिसने सिंदबाद को खाने के लिए फल दिया। इसके बाद सिंदबाद को वह अपने साथ ले गया। वहां और भी कई लोग थे। सिंदबाद ने लोगों से अपने राजा की बहुत तारीफ सुनी। सिंदबाद ने राजा से मिलने की इच्छा जताई और वह उस व्यक्ति के साथ राजा से मिलने गया।

सिंदबाद की सुमद्री यात्रा

सिंदबाद को देखकर राजा ने उसे अपने यहां नौकरी पर रख लिया। सिंदबाद मन लगाकर काम करने लगा और एक दिन उसे जहाज आता दिखाई दिया। सिंदबाद ने देखा यह तो उसका जहाज है। वह खुशी से झूम उठा। उसने तुरंत जाकर अपने कैप्टन से मुलाकात की, सिंदबाद के साथ भी उससे मिलकर बहुत खुश हुए। इसके बाद सिंदबाद ने राजा से इजाजत मांगी और अपने देश वापस पहुंच गया।

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