कहानियां तेनाली रामा

तेनाली रामा और अरब घोड़े के व्यापारी की मजेदार कहानी

Written by Prajapati

एक बार, एक अरब घोड़े के व्यापारी कृष्ण देव राय के दरबार में आया था। उसने कहा, हे महाराज! देखो, यह अरब घोडा है! यह बेहतरीन है यदि आप चाहें, तो मैं और अधिक ला सकता हूं।

राजा ने अपने महल के बाहर खड़े सुंदर घोड़ों को देखा औरकृष्ण देव राय ने कहा की मैं उन सबको खरीद लूंगा। व्यापारी ने उत्तर दिया की मुझे 5000 सोने के सिक्कों की अग्रिम जरूरत होगी। मैं उन्हें दो दिन में लाऊंगा।

दो सप्ताह बीत चुके थे और व्यापारी अभी तक नहीं आया था। कृष्ण देव राय अपने बगीचे में चलते समय उस व्यापारी के बारे में सोच रहे थे तभी उन्होंने देखा कि तेनाली रमन वहां बैठे, कागज के एक टुकड़े पर कुछ लिख रहे थे।

कृष्ण देया राय ने पूछा की तेनाली रामा क्या लिख रहे हो। तेनाली रामा ने जवाब दिया, मैं देश में सबसे बड़ी मूर्खों को सूचीबद्ध कर रहा हूं। जिज्ञासु, कृष्ण देव राय ने कहा की मुझे भी देखने दो। तेनाली रामा ने उन्हें लिस्ट दिया।

Tenali Rama

कृष्णदेव राय इस सूची के शीर्ष पर अपना नाम देख कर गुस्सा हो गए और कहा के मेरा नाम यहाँ कैसे हो सकता है, मैं राजा हूं! तेनाली रामा ने जवाब दिया की जो कोई किसी अजनबी को 5000 सोने के सिक्के देता है और सोचता है कि वह लौट आएगा, वह मूर्ख है।

कृष्ण देव राय ने पूछा की अगर वो व्यापरी वापस आ गया तो क्या होगा उसके जवाब में तेनाली रामा कहा की “तो मैं आपका नाम बदल के उस व्यापारी का नाम इस लिस्ट में रखूंगा!

About the author

Prajapati

Leave a Comment