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केसरी फिल्म का लुक तो देख लिया कहानी सुनकर रोंगटे खड़े हो जायंगे

अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म केसरी फर्स्ट लुक जारी हुआ। इस खबर के बाद अक्षय के लुक की बहुत सी तसवीरें आई। जैसा की आपको पता चल ही गया होगा की यह कहानी सारागढ़ी के युद्ध पर आधारित है।

दरअसल यह कहानी है 1894 की है। हमारी नज़र में यह देशभक्ति की कम और वीरता की कहानी ज्यादा है क्योंकि उस समय भारत पर अंग्रेजो का राज़ था और अंग्रेजो से बस कुछ ही हिस्स्सा ऐसा छूटा था जिसपर वे कब्ज़ा नहीं कर पाए थे।

उस समय भारत की उत्तर पूर्वी सीमा पर अफगान लडके हमला कर रहे थे। वे वहां बसे दो किलों लुकहार्ट और गुलिस्तान पर अपना कब्ज़ा करना चाहते थे। उन दोनों किलों के बीच एक छोटा सा किला था सारगढ़ी। बाकि दो किलों तक पहुचने के लिए के लिए अफगानों के लिए सारगढ़ी को जीतना बहुत ही जरूरी था। अफगानों ने 1000 सैनिको के साथ इस पोस्ट पर कब्ज़ा कर दिया।

Kesari

इस किले में उस समय मात्र 21 सिख जवान तैनात थे। अचानक हुए इस हमले से सिख जवान हैरान तो हुए लेकिन परेशां नहीं। सिखों ने अपनी मदद के लिए अपने सीनियर को एक पैगाम भेजा लेकिन वहां से उच्च अधिकारीयों ने सहायता भेजने में असमर्थता जताई।

अब सिखों के पास दो ही रास्ते थे या तो जान बचा लों या शान बचा लों। सिखों ने अपनी शान को झुकने नहीं दिया और युद्ध के लिए तैयार हो गए। सिखों ने वहां सवा लाख से एक लड़ाऊ वाली कहावत को चरितार्थ करके दिखाया।

सिखों के अदम्य साहस दिखाया। अफगानों ने कई बार सिखों को सरेंडर करने का लालच दिया। लेकिन सिख अपनी जगह डटे रहे। अफगानों की और से हो रहे लगातार हमलों की वजह से किले की दीवार ढह गयी।

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अब आमने सामने की लड़ाई और हाथापाई शुरू हो गयी। आमने सामने की लड़ाई में जहाँ सिखों के केवल 21 जवान शहीद हुए। वहीँ 10000 अफगानों में से 180 मौत क घाट उतार दिए गए। सिख अंत तक जो बोले सो निहाल का उद्घोष करते रहे। यह सिखों का ही साहस था की केवल 21 सिख 10000 अफगानों से इतने समय तक लोहा ले पाए।

जब तक अफ़ग़ान मुख्य किले की और बढ़ पाते सिखों से लड़ाई में उनका बहुत सा समय बर्बाद हो गय था। और अफ़ग़ानो के साथ युद्ध के लिए फ़ौज आ चुकी थी। इस युद्ध को सिखों की वीरता के लिए जाना जाता हैं।

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