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फाइनेंस में दुनिया की टॉप महिला लीडर्स में शामिल हैं ये भारतीय

महिलाओं और फाइनेंस से जुड़ी सामान्य कहावत है कि यह दोनों एक दूसरे को नहीं समझते। माना जाता है कि फाइनेंस सेक्टर महिलाओं के लिए मुश्किल है, लेकिन इस कहावत से इतर चंदा कोचर और शिखा शर्मा जैसे नाम इसका शानदार अपवाद हैं। दोनों ने विश्व स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाई है।

शिखा शर्मा

भारत की अपनी शिखा शर्मा 2009 के बाद से एक्सिस बैंक के सीईओ और एमडी रही हैं। शिखा के सबसे महत्वपूर्ण काम में खुदरा कर्ज देने वाले फ्रैंचाइजी को मजबूत करना, निवेश बैंकिंग और सलाहकार क्षमताओं और भुगतान उत्पादों का विस्तार करना आदि रहा है। उनके बाद से बैंक के शेयरों में 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दो बच्चों की मां, शिखा ने 1980 में आईसीआईसीआई बैंक के साथ वित्त उद्योग में अपना कैरियर शुरू किया। एक्सिस बैंक से पहले, वह आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ रह चुकी हैं।

शिखा शर्मा

चंदा कोचर

चंदा कोचर के बारे में हम क्या कह सकते हैं जो पहले नहीं कहा गया है? चंदा (56 ) आईसीआईसीआई बैंक की एमडी और सीईओ हैं। वह दो बच्चों की मां है और भारत में खुदरा बैंकिंग और निजी बैंकिंग क्षेत्रों को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान रखती हैं। 1983 में चंदा ने बैंकिंग और वित्त में अपना शानदार कैरियर शुरू किया, जब वे आईसीआईसीआई में एक प्रबंधन प्रशिक्षु के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने 90 के दशक में आईसीआईसीआई बैंक की स्थापना में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और इसे क्रेडिट और निवेश निगम से खुदरा बैंक में रूपांतरित किया था।

चंदा कोचर

चंदा ने उद्योग के एक प्रवक्ता और अनुभवी के रूप में भी उत्कृष्टता हासिल की है। वह भारत-जापान बिजनेस लीडर फोरम और यूएस-इंडिया सीईओ फोरम की सदस्य हैं और अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक सम्मेलन के अध्यक्ष के रूप में काम कर रही है जो 30 से अधिक देशों में दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों को एक साथ लाती है। चंदा भारतीय बैंक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी हैं और विश्व आर्थिक मंच की सह-अध्यक्ष हैं।

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